गुरुवार, 9 अप्रैल 2015

मोम सी तुम आती नजर,बस पिघलती नहीं

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परवाज़ ब्लॉग पर नई रचना-मोम सी तुम आती नज़र बस पिघलती नहीं।

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2015

सोमवार, 17 दिसंबर 2012

एक्जिट पोल और मेरी नेट पर वापसी

                                

आज गुजरात के एक्जिट पोल टी वी पर आ रहे थे।नरेन्द्र मोदी जी को बधाई कम से कम एक्जिट पोल में तो भारी  विजय मिली। मैं 21 साल से एक्जिट पोल टी वी पर देखता आया हूँ। भारत में करीब हर बार इन सर्वेक्षणों ने निराश किया है।मुझे इसकी वजह यह नजर आती है भारत में सर्वे वैज्ञानिकता से परे होते है।कई बार सर्वे करने वाले संगठन अपने हितों के लिए खेल जाते है।कई बार प्रश्न वस्तुनिष्ठ नहीं होते है।और सबसे ख़ास बात यह है कि जब प्रश्नों के उत्तर प्राप्त होते है तो भारतीय मानसिकता को एक तरफ रखते हुए यह मान लिया जाता है कि जो उत्तर दिए गए है वही उत्तर देने वालो का अंतिम निष्कर्ष है।जैसे हर सर्वे में जब लोगो को ये पूछा जाता है कि  आप किसको मुख्य मंत्री या प्रधान मंत्री के लिए पसंद करते है,तो भारत में लोग यह उत्तर दे देते है कि कौन वर्तमान प्रधान मंत्री या मुख्य मंत्री है।इस लिए हर सर्वे में वर्तमान सरकार का नेताहमेशा ज्यादा मत ले जाता है।इसी प्रकार  लोग वर्तमान शासक के  एक्जिट पोल में  अज्ञात कारणों वर्तमान शासक  को ज्यादा  वजन दे देते है।वर्तमान में  गुजरात  के नतीजे भी चौंकाने वाले हो  सकते है।गुजरात में आज एक्जिट पोल सर्वे ने सभी चैनलों में बी जे पी को 116 से 140 सीट  दी है। भगवान  से प्रार्थना करता हूँ कि  इस बार वैज्ञानिक सर्वे  की शुरुआत हो जाए। वर्ना  सट्टा बाजार सर्वे वालों से अधिक सही निकलेगा।
  पिछला वर्ष संघर्षों का वर्ष रहा ...पर वर्ष के अंत में ईश्वर ने मुझे विवाह की वर्षगाँठ पर पदोन्नति का उपहार दिया।मेरे ईश्वर तेरा बहुत बहुत शुक्रिया कि  तुमने रहमत की बरसात की।और इससे भी बढ़कर तुमने मेरे लिए दुआ करने वाले इतने दोस्त दिए और उनकी दुआ क़ुबूल की।मेरे दोस्तों और शुभचिंतको !मैं आपका आभारी हूँ और मेरी आने वाली जिन्दगी हमेशा मुझे आपकी दुआओं का अहसानमंद बनाए रखे।   
आपका 
प्रकाश पाखी 

बुधवार, 30 मार्च 2011

क्या भारत पाक का मैच फिक्स है?



कल अखबार में पढ़ा था कि सटोरियों के अनुसार मैच भारत जीतेगा.परन्तु अगर तेंदुलकर ने शतक लगाया तो भारत हार जाएगा.अभी मैच देख रहा हूँ और मुझे बड़ी निराशा हो रही है.पाकिस्तान की टीम तेंदुलकर के पाच केच छोड़ चुकी है.तेंदुलकर ७४ रन बना चुके है.धोनी जरूरत से ज्यादा धीमा खेल रहे है.मैं यह पोस्ट केवल इसलिए लिख रहा हूँ कि कही सटोरियों की बाते सच न हो जाए.तेंदुलकर के कैच छोड़ने के पीछे कारण हो सकता है कि पकिस्तान की टीम सट्टेबजो के चुंगल में है.वह या उसके कुछ खिलाड़ी सट्टेबाजो के संपर्क में है वे शायद कैच छोड़ कर तेंदुलकर को शतक बनाने देना चाहते है ताकि टीम पर मैच हरने की मजबूरी न आये.अब अगर अखबार में लिखी भविष्य वाणी (सटोरियों) सच हो तो मुझे एक खेल प्रेमी के रूप में निराशा होगी. 
  अब तेंदुलकर बिना सेकड़ा बनाए आउट हो गए है....तो भारत कि जीत पक्की.

मंगलवार, 18 जनवरी 2011

फिल्म समीक्षा--चलो संभल के, रहो संभल के- ए मिशन टू रोड सेफ्टी !



भाई लोगों ने मिलकर एक फिल्म बना इज डाली,फिलिम टोटल टल्ली पर है ...साला टल्ली शूटर टल्ली होकर इस दुनिया से इज कल्टी मार गया...ऐसे इज बहुत शरीफ लोग भी दारू पीकर गाड़ी चलाते ऊपर चले जाते है ...तो क्या ये फिलिम तो एक दम हिट है बोस !

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

रविवार, 10 अक्तूबर 2010

माजरा कुछ नहीं, बस साथी हाथ बढाया था

मेरी पोस्ट पिछले कई दिनों से मेरे मित्रों के फोलोवर लिंक में अप डेट नहीं हो रही थी ..तो निराश होकर ब्लॉग लिखना ही छोड़ दिया...आज अचानक ब्लोगर के आंकड़े देखे तो सुखद आश्चर्य हुआ कि अभी भी इस ब्लॉग पर लोगो का आना लगा हुआ है...शायद ही इससे अधिक मनोबल बढाने वाली कोई और बात हो.अयोध्या का फैसला सुकून देने वाला लगा...भारत कोमन्वेल्थ में गोल्ड जीत रहा है यह ख़ुशी की बात है.
सुनने में आ रहा है कि अयोध्या में मंदिर मस्जिद निर्माण के लिए सभी लोग एक हो रहे है...मंदिर बनाए में मुसलमान भाई साथ देंगे और  मस्जिद बनाने में हिन्दू कार सेवा करेंगे...सपना सा लगता है ऐसा होना .पर दिल चाहता है ऐसा ही हो...कौमी एकता की एक ऐसी मिसाल कायम हो और अयोध्या के ये मंदिर और मस्जिद दुनियां में सर्वश्रेष्ठ बने.समय बदल रहा है...भारत महाशक्ति बन रहा  है...क्योंकि हमारे देश का लोकतंत्र और सामाजिक समरसता बेमिसाल है.

उसने अपना दिल चीर के दिखाया था.
खुदा भी था वहीँ जहाँ राम समाया था,

नफरत के दरिया में दोनों बहने लगे थे 
सियासत ने इस कदर जुल्म ढहाया था.

बड़ी ही हिकारत से देखा था हरबार उसको 
जख्मो पे जिसने मरहम आज लगाया था

देख उसको जो कह रहा है सब तुझे दूंगा 
खंजर से कल जिसका तूने खून बहाया था  

सियासत कांप रही थी,तख़्त हिलने लगे थे 
माजरा कुछ नहीं, बस साथी हाथ बढाया था 
आपका शुक्रिया!